प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता पर दिया गया विशेष बल
खरसिया। क्षत्रिय राठौर समाज द्वारा समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने एवं शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से खरसिया स्थित राठौर भवन में प्रदेश स्तरीय मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष पवन राठौर रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विनोद चंद राठौर, राजेन्द्र पालू राठौर एवं परीक्षित राठौर (संरक्षक, क्षत्रिय राठौर समाज छत्तीसगढ़) तथा जिला अध्यक्ष शशिकांत राठौर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम एवं वीर योद्धा दुर्गादास राठौर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। अभिभावकों ने भी समाज की इस पहल की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी बताया।
शिक्षा समाज की उन्नति की आधारशिला : पवन राठौर
मुख्य अतिथि पवन राठौर ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति और विकास की आधारशिला होती है। विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान नहीं, बल्कि पूरे समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में प्रतिस्पर्धा की सकारात्मक भावना विकसित करते हैं तथा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।
उच्च शिक्षा और संस्कारों पर दिया गया जोर
विशिष्ट अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय ज्ञान और शिक्षा का युग है। समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना चाहिए, जिससे समाज और प्रदेश का नाम रोशन हो सके। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने तथा जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
समाज ने प्रतिभाओं के सम्मान को बताया आवश्यक
कार्यक्रम के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने शिक्षा के क्षेत्र में राठौर समाज की बढ़ती उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है और ऐसे आयोजन नियमित रूप से होते रहने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों का मनोबल बढ़े और वे नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकें।
समारोह का प्रभावी संचालन भोज राठौर एवं राजेश्वर राठौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिला मंडल, युवा प्रकोष्ठ, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
शिक्षा ही समाज की वास्तविक शक्ति
समारोह के माध्यम से क्षत्रिय राठौर समाज ने यह संदेश दिया कि शिक्षा ही समाज की वास्तविक शक्ति है। प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य न केवल समाज को सशक्त बनाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनता है।















































