उत्कल समाज के वार्षिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री का ‘परिवार जैसा’ जुड़ाव, एकता का बड़ा संदेश
रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन में Vishnu Deo Sai मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खुद को अतिथि नहीं बल्कि “परिवार का सदस्य” बताते हुए रायगढ़ से अपने 20 वर्षों के गहरे राजनीतिक और सामाजिक रिश्तों को याद किया।

छत्तीसगढ़–ओडिशा सांस्कृतिक रिश्ता मजबूत, ‘रोटी-बेटी’ परंपरा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच “रोटी-बेटी का अटूट रिश्ता” है, जो सदियों से सामाजिक एकता और आपसी सहयोग का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने उड़िया संस्कृति और जगन्नाथ परंपरा की व्यापक उपस्थिति का भी उल्लेख किया।
रथ यात्रा के लिए 5 लाख की घोषणा, मंदिर विकास को लेकर भी मिला आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की मांग पर रथ यात्रा आयोजन के लिए 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इसके साथ ही मंदिर जीर्णोद्धार और अन्य विकास कार्यों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन भी दिया गया, जिससे समाज में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सरकारी योजनाओं का जोरदार बखान, विकास के बड़े दावे
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों घर स्वीकृत किए गए हैं। धान खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिल रही है। उन्होंने रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को आस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया।
भर्ती प्रक्रिया और पारदर्शिता पर जोर, ई-ऑफिस से भ्रष्टाचार पर प्रहार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में 20 से 25 हजार भर्तियां की गई हैं। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चयन मंडल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली से प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं का सम्मान, मंच पर दिखा गौरव और उत्साह
कार्यक्रम में उत्कल समाज की 8 प्रतिभाओं—श्रीतनु गुरु, अजय गुप्ता, डॉ. रोशन कुमार होता, कु. उन्नति मिश्रा, अपूर्वा गुरु, अनन्या गुरु, नंद किशोर सतपथी और निशांत नामदेव—को विशेष उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।















































