बीजापुर/सुकमा/दंतेवाड़ा/कांकेर: 31 मार्च 2026 नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन की आखिरी तारीख. वैसे तो टॉप नक्सल लीडर्स के साथ ही लगभग पूरे नक्सली या तो सरेंडर कर चुके हैं या मारे गए हैं. बाकी बचे कुछ नक्सली डेडलाइन के आखिरी दिन भी मुख्यधारा में प्रवेश कर रहे हैं. दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर में कुल 35 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं.
बीजापुर में ऐतिहासिक रिकवरी
नक्सल खात्मे के आखिरी दिन बीजापुर में बड़ा सरेंडर हुआ है. पूना मारगेम अभियान के तहत 25 नक्सली कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है इनमें 12 महिलाएं भी शामिल हैं. इसके साथ ही नक्सल इतिहास का सबसे बड़ी रिकवरी करीब 14 करोड़ रुपए का कुल सामान की भी बरामदगी हुई है. इसमें 2.90 करोड़ रुपए कैश और करीब 11.16 करोड़ रुपए का 7.20 किलो सोना बरामद हुआ है. दोनों की कुल कीमत रूपये 14.06 करोड़ रुपए है.

बीजापुर में बड़ा नक्सल सरेंडर और ऐतिहासिक रिकवरी
- 1.47 करोड़ के इनामी नक्सली पुनर्वासित
31 मार्च को सरेंडर हुए 25 नक्सली दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े हुए थे. इन सभी कैडरों पर कुल 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. ये नक्सल संगठन के CyPC, DVCM, ACM, PPCM, बटालियन/कंपनी सदस्य जैसे पदों पर थे. सुरक्षा बलों ने सरेंडर नक्सलियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इनमें AK-47 समेत कुल 93 हथियार शामिल है.
दंतेवाड़ा में 5 इनामी महिला नक्सली का पुनर्वास
दंतेवाड़ा में 31 मार्च 2026 को पांच इनामी महिला नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला लिया. यह सरेंडर न केवल सुरक्षा बलों के प्रयासों की बड़ी सफलता है, बल्कि पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान का असर भी है. ये सभी महिला नक्सली दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़ी थीं. इसमें सोमे कड़ती, लखमा ओयाम, सरिता पोड़ियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम शामिल हैं.

दंतेवाड़ा में 5 इनामी महिला नक्सली का पुनर्वास
- कुल 9 लाख की इनामी थीं
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के पुलिस लाइन कारली में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम में इन नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक गौरव राय के समक्ष आत्मसमर्पण किया. पुनर्वास करने वाली 5 महिला नक्सलियों में एक एरिया कमेटी मेंबर (ACM) और चार पार्टी सदस्य शामिल हैं. इनमें सोमे कड़ती पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि अन्य चार नक्सलियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था. इस प्रकार कुल मिलाकर इन पर लगभग 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
- दंतेवाड़ा में नक्सलवाद के मोर्चे पर कामयाबी
दंतेवाड़ा में साल 2024 से लेकर अब तक कुल 607 नक्सली कैडरों ने सरेंडर किया है. इसके साथ ही एंटी नक्सल ऑपरेशन में दंतेवाड़ा में 92 नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है. कुल 54 नक्सली मारे गए हैं.
सुकमा में भी दो महिला नक्सली कैडर का आत्मसमर्पण
सुकमा जिले में जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे और सोनी उर्फ माड़वी कोसी ने हिंसा का रास्ता त्याग दिया है. दोनों पर 8-8 लाख का इनाम घोषित था. सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि जिले में नक्सली संगठन अब लगभग समाप्त हो चुका है. आज सुकमा का नक्सल मुक्त होना केवल सुरक्षा बलों की जीत नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और सहयोग की जीत है.

सुकमा में भी दो महिला नक्सली कैडर का आत्मसमर्पण
- बड़े नक्सली डंप का भी खुलासा
इस दौरान सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. घने जंगलों में छिपाकर रखे गए डंप का खुलासा हुआ. जिसमें 10 लाख नकद के साथ इंसास LMG, AK-47 और .303 राइफल जैसे घातक हथियार बरामद किए गए. सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और सघन सर्चिंग अभियान ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है. जंगलों में छिपाए गए हथियार और कैश अब उनके लिए सुरक्षा नहीं, बल्कि बोझ बन गए हैं.
कांकेर में भी 2 नक्सलियों ने छोड़े हथियार
कांकेर जिले में 2 नक्सलियों ने 31 मार्च को सरेंडर किया है. SP निखिल राखेचा के अनुसार, पिछले 5 दिनों में 9 नक्सली पहले ही हिंसा का रास्ता छोड़ चुके थे. इसके बाद 31 मार्च को 2 और कैडरों ने मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला लिया है. आज आत्मसमर्पण करने वाले कैडर का नाम PPCM शंकर है. वहीं दूसरे कैडर का नाम PM (पार्टी मेंबर) हिडमा डोडी है. इन नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण के दौरान एक AK-47 राइफल भी पुलिस को सौंपी है. वहीं नारायणपुर में भी एक नक्सली ने सरेंडर किया है.

कांकेर में भी 2 नक्सलियों ने छोड़े हथियार
- पुनर्वास प्रक्रिया
25 मार्च से 31 मार्च के बीच आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों का पुनर्वास किया जाएगा. सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इन्हें समाज की मुख्यधारा में फिर से जोड़ा जाएगा.















































