केवरा–जयनगर धान खरीदी केंद्रों में मनमानी चरम पर, किसान बेहाल41 किलो 200 ग्राम प्रति बोरा तौल, मजदूरी भी किसानों से; प्रशासन मौन

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सूरजपुर। जिले के केवरा धान खरीदी केंद्र में प्रबंधक की मनमानी अब चरम सीमा पर पहुंच चुकी है। किसानों का आरोप है कि शासन के निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर प्रति बोरा 41 किलो 200 ग्राम तक धान लिया जा रहा है। इतना ही नहीं, धान उतारने-चढ़ाने की मजदूरी भी किसानों को स्वयं करनी पड़ रही है, जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।

किसानों का कहना है कि केंद्र में अव्यवस्था का आलम यह है कि प्रभारी किसानों से सीधे मुंह बात तक नहीं करता। तौल, मजदूरी और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा बोझ किसानों के माथे मढ़ दिया गया है। केवरा धान खरीदी केंद्र में भारी अव्यवस्था के चलते किसानों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है।

इसी तरह जयनगर धान खरीदी केंद्र में भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं। यह केंद्र पहले भी धान गड़बड़ी को लेकर सुर्खियों में रहा है, जहां भारी अनियमितताओं के चलते पूर्व में प्रबंधक पर एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। हालांकि वर्तमान में प्रबंधक बदला गया है, लेकिन किसानों का आरोप है कि मनमानी अब भी उसी तरह जारी है।

धान खरीदी केंद्रों में लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई नदारद है। सवाल यह है कि किसानों के हक पर खुलेआम हो रहे इस अन्याय पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेंगे, या फिर किसानों को यूं ही शोषण का शिकार होना पड़ेगा।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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