Delhi Factory Fire: मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री से छह लोगों को निकाला गया, संजय गांधी अस्पताल में चार को मृत घोषित किया गया; जहांगीरपुरी में आग बुझाते समय एलपीजी सिलेंडर फटने से दमकलकर्मी 25 प्रतिशत झुलसा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार देर रात आग लगने की दो अलग-अलग घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी। मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य झुलस गए। वहीं, जहांगीरपुरी में एक मकान में लगी आग बुझाने के दौरान एलपीजी सिलेंडर फट गया, जिसकी चपेट में आने से एक दमकलकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया।
मंगोलपुरी की जूता फैक्ट्री में चार की मौत
मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित जूता फैक्ट्री में शुक्रवार देर रात अचानक आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के दौरान फैक्ट्री से छह लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया और तत्काल संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो घायलों का उपचार जारी है।
पुलिस और दमकल की टीम ने चलाया बचाव अभियान
डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल स्टाफ और टीम को घटनास्थल पर भेजा। पुलिसकर्मी सबसे पहले मौके पर पहुंचे और दमकल की गाड़ियां पहुंचते ही आग बुझाने तथा लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने और बचाव कार्य में काफी समय लगा। स्थिति पर नजर रखने के लिए रातभर पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
जहांगीरपुरी में आग के दौरान फटा एलपीजी सिलेंडर
दिल्ली में शुक्रवार को ही आग की एक अन्य घटना जहांगीरपुरी इलाके में सामने आई। पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपने ही घर में आग लगा दी। आग की लपटें तेज होने के दौरान घर में रखा एलपीजी सिलेंडर अचानक फट गया।
घटना के दौरान आग बुझाने में जुटा एक दमकलकर्मी विस्फोट की चपेट में आ गया। धमाके के साथ आग की लपटें और मलबा आसपास फैल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सिलेंडर विस्फोट के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई देता है।
दमकलकर्मी अंकित 25 प्रतिशत झुलसे
घायल दमकलकर्मी की पहचान 32 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है। उसके चेहरे, बालों और दोनों हाथों पर जलने के गंभीर निशान हैं। उसे पहले बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके लगभग 25 प्रतिशत झुलसने की पुष्टि की। बाद में बेहतर उपचार के लिए उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के बर्न वार्ड में रेफर किया गया।
दिल्ली में आग की इन दोनों घटनाओं ने औद्योगिक इकाइयों और रिहायशी इलाकों में अग्नि सुरक्षा की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल मंगोलपुरी फैक्ट्री में आग लगने के कारणों और दोनों घटनाओं से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जानकारी सामने आनी बाकी है।





























