त्योहारों के सीजन में आम लोगों की जेब पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। प्याज और चीनी की कीमतों में लगातार तेजी से घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। बाजार में फिलहाल प्याज 60 से 65 रुपये प्रति किलोग्राम और चीनी 55 से 60 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रही है। ऐसे में त्योहारों की खरीदारी के बीच लोगों को रसोई का खर्च संभालना भी मुश्किल हो रहा है।
चार महीने में प्याज के दाम 85 फीसदी बढ़े
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार महीनों में प्याज की कीमतों में करीब 85 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्याज की फसल को हुए नुकसान को इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है। महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति और कमजोर मानसून के कारण फसल प्रभावित होने की खबर है। इसके चलते पिछले सीजन में उत्पादित प्याज का सुरक्षित भंडार भी कम हो गया, जिसका असर अब बाजार की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
चीनी की कीमतों में भी तेजी
चीनी के दामों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जुलाई से अगस्त के बीच चीनी की कीमतों में 34 फीसदी तक इजाफा हुआ। कमजोर मानसून और उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों के कारण वैश्विक बाजार में भी चीनी की उपलब्धता प्रभावित होने की बात कही जा रही है। वैश्विक स्तर पर करीब 6.28 मिलियन टन चीनी की कमी दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।
कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार के कदम
बाजार में बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए केंद्र सरकार ने त्योहारों से पहले 14 लाख टन चीनी का अतिरिक्त कोटा जारी किया है। वहीं, प्याज की कीमतों से राहत देने के लिए मोबाइल वैन के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेची जा रही है।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी
भारतीय रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ है। प्याज और चीनी के दामों में तेजी ने एक बार फिर आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।





























