सारंगढ़-बिलाईगढ़। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत जिले के 14 श्रद्धालुओं को नवंबर में तीर्थ यात्रा पर भेजा जाएगा। यह यात्रा 10 से 15 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर, वैष्णो माता मंदिर और वाघा बॉर्डर के दर्शन करेंगे। यात्रा की शुरुआत रायपुर रेलवे स्टेशन से होगी।
कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने संबंधित जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों को पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर निर्धारित समय-सीमा में भेजने के निर्देश दिए हैं।
जिले के लिए 14 यात्रियों और एक अनुरक्षक का लक्ष्य
उपसंचालक समाज कल्याण विभाग विनय तिवारी ने बताया कि जिले के लिए कुल 15 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 14 श्रद्धालु और एक अनुरक्षक शामिल हैं। जनपद पंचायत बरमकेला से चार, सारंगढ़ से चार और बिलाईगढ़ से तीन यात्रियों का लक्ष्य तय किया गया है।
वहीं, नगरीय निकायों के अंतर्गत नगर पालिका सारंगढ़ तथा नगर पंचायत सरिया, बरमकेला, बिलाईगढ़, भटगांव, सरसींवा और पवनी से कुल तीन यात्रियों का चयन किया जाएगा। जिला कार्यालय से एक अनुरक्षक यात्रा नोडल के रूप में श्रद्धालुओं के साथ रहेगा।
2 नवंबर तक जमा करनी होगी पात्र यात्रियों की सूची
निर्देशानुसार, जनपद पंचायतों और नगरीय निकायों को वरिष्ठ नागरिकों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं सहित अन्य पात्र आवेदकों की पहचान कर उनका सत्यापन करना होगा। चयनित आवेदकों की सूची निर्धारित प्रारूप में हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी के रूप में 2 नवंबर 2026 तक कार्यालय सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में जमा करनी होगी।
इसके बाद जिला स्तरीय समिति से सूची का अनुमोदन कराया जाएगा। निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में यात्रियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
ग्रामीण और शहरी हितग्राहियों के लिए तय हुआ अनुपात
योजना के तहत 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्रों और 25 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों से शामिल किए जाएंगे। इनमें 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल, अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी होंगे, जबकि 20 प्रतिशत गरीबी रेखा से ऊपर के शहरी नागरिकों को अवसर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और पैदल चलने की क्षमता का होगा परीक्षण
तीर्थ यात्रा के दौरान कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है। इसके अलावा संबंधित तीर्थस्थलों पर ठंड रहने की संभावना को देखते हुए आवेदकों के स्वास्थ्य और पैदल चलने की क्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चयनित यात्रियों के लिए चिकित्सक से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।





























