उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी, खेतों में कटी धान की फसल भीगने से किसानों की बढ़ी चिंता
रायगढ़। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिल रहा है। रायगढ़ में रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में बारिश का सिलसिला 2 नवंबर तक जारी रह सकता है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों तक भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
तेज हवाओं और लगातार बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी
लगातार खराब मौसम को देखते हुए दुर्ग, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर और रायगढ़ जिलों के स्कूलों में अगले दिन भी छुट्टी रखने की जानकारी सामने आई है। बारिश और तेज हवाओं के चलते विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
खेतों में भीगी धान की फसल, किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार बारिश ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बलरामपुर, मुंगेली और धमतरी में खेतों में कटाई के बाद रखी धान की फसल बारिश से भीग गई है। लगातार नमी बनी रहने के कारण धान के दाने काले पड़ने और फसल में फफूंद लगने का खतरा बढ़ गया है।
यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों को पकी हुई फसलों की कटाई फिलहाल रोकने और पहले से कटी फसल को सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश और यनम के तट पार कर चुका है चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार कर चुका है। इसके अगले 48 घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई है।
अनुमान के मुताबिक, अगले 6 घंटे में यह कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है और उसके बाद अगले 6 घंटे में कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) में परिवर्तित होने की संभावना है।
2 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम फिलहाल सामान्य होने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने 2 नवंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लगातार बारिश ने जहां आम जनजीवन प्रभावित किया है, वहीं खेतों में तैयार धान की फसल को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम का रुख खेती-किसानी और प्रदेश की दिनचर्या पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।





























