मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान, नई औद्योगिक नीति से उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में प्रदेश के युवाओं, नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि युवा शक्ति, नवाचार तथा स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नए विचारों को व्यवसाय में बदलने के लिए आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और नए विचारों की कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उनके नवाचारों को उचित मार्गदर्शन, संसाधन और बाजार उपलब्ध कराया जाए।
नई औद्योगिक नीति से उद्यमिता को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से उद्योग और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सरकार का फोकस निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर भी है, ताकि प्रदेश के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
कृषि और वन संपदा में वैल्यू एडिशन की बड़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कृषि और वन संपदा युवाओं के लिए उद्यमिता के नए रास्ते खोल सकती है। स्थानीय कृषि उत्पादों और वन उपज का वैल्यू एडिशन कर उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से स्थानीय संसाधनों पर आधारित नए व्यवसाय और स्टार्टअप विकसित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।
बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया अवलोकन
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली तथा युवाओं और उद्यमियों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है। सरकार युवाओं को आवश्यक मंच और अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।






























