गुरु रविदास जयंती : संत रविदास के विचार समरस और सशक्त भारत की आधारशिला — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज का जीवन समरसता, समानता, भक्ति, श्रम और सामाजिक न्याय का प्रेरणादायी संदेश है। उनके विचार आज भी समाज को मानवता, समान अधिकार और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाते हैं। यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के कलश वंदन महाअभियान के शुभारंभ अवसर पर कही।

वाराणसी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल का पूजन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास महाराज की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल से भरे कलश को श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण किया। इसके बाद उन्होंने संत रविदास के छायाचित्र के समक्ष कलश स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और संत रविदास को नमन किया।

सामाजिक समरसता और समानता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास महाराज ने समाज को ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत से ऊपर उठकर मानवता एवं समानता का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि संत रविदास के आदर्शों पर चलकर ही विकसित, समरस और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। कलश वंदन महाअभियान सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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