रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा, क्षमता एवं आत्मविश्वास को सही अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के अंतर्गत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति देश की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव देने का प्रयास केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच और दृष्टिकोण में आया बड़ा परिवर्तन है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायक उपकरणों का वितरण दिव्यांगजनों के लिए केवल सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। सरकार की कोशिश है कि हर दिव्यांगजन को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के समान अवसर मिलें।














































