मरवाही के कृषक को कृषि विभाग ने अनुदान पर उपलब्ध कराया आधुनिक कृषि यंत्र, खेती होगी आसान और लाभकारी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में आयोजित सुशासन तिहार-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का माध्यम बन रहा है। इसी क्रम में मरवाही विकासखंड के ग्राम उषाड़ निवासी कृषक श्री विनय अभिषेक सिंह की मांग पर कृषि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें धान की रोपाई के लिए आधुनिक रोपा लगाने की मशीन अनुदान पर उपलब्ध कराई है।
समाधान शिविर में दिया था आवेदन
Good Governance Festival 2026 के तहत आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में कृषक विनय अभिषेक सिंह ने आवेदन देकर आधुनिक रोपा लगाने की मशीन उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि इस मशीन से धान की रोपाई तेज, आसान, कम श्रम वाली और कम लागत में की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील प्रशासन की मंशा के अनुरूप कृषि विभाग ने आवेदन प्राप्त होते ही प्रक्रिया शुरू की और किसान का पंजीयन सीएचएएमपीएस प्रणाली के माध्यम से कर पात्रता के अनुसार अनुदान स्वीकृत कराया।
आधुनिक मशीन से खेती में आएगी तेजी
कृषक श्री विनय अभिषेक सिंह ने मुख्यमंत्री और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक रोपा लगाने की मशीन मिलने से धान की रोपाई कम समय में बेहतर गुणवत्ता के साथ हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि इससे मजदूरी खर्च में कमी आएगी, समय की बचत होगी और खेती अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बनेगी। समय पर रोपाई होने से उत्पादन बढ़ने और आय में वृद्धि की उम्मीद है।
किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास
उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि यंत्रीकरण से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पात्र किसानों को अनुदान पर आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है, जिससे किसानों और अन्य पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा है।
संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण बना सुशासन तिहार
प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। किसानों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने की पहल खेती को आत्मनिर्भर, प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।















































