Chhattisgarh Cabinet Meeting : साय कैबिनेट के बड़े फैसले, कारोबार होगा आसान, बिजली व्यवस्था मजबूत; कई अहम विधेयकों को मंजूरी

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, निवेश, शिक्षा, बिजली और किरायेदारी कानून से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर। Chhattisgarh Cabinet Meeting में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में बिजली भुगतान व्यवस्था में बदलाव, उद्योगों को बढ़ावा देने, व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने, जीएसटी कानून में संशोधन, निजी विश्वविद्यालयों के नए प्रावधान, किरायेदारी कानून में बदलाव और नवा रायपुर के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में इन विधेयकों को पेश किया जाएगा।

बिजली भुगतान की नई व्यवस्था से सप्लाई रहेगी निर्बाध

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के विद्युत उपक्रमों से खरीदी जा रही बिजली के भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। यह व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय बिजली कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियम-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत उद्योग और व्यापार स्थापित करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी, डिजिटल और समयबद्ध होगी। विधेयक में डीम्ड परमिशन, सेल्फ सर्टिफिकेशन, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे निवेशकों को राहत मिलेगी और नए उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।

जीएसटी और वैट कानून में होंगे बदलाव

कैबिनेट ने जीएसटी संशोधन विधेयक-2026 और मूल्य संवर्धित कर (वैट) संशोधन विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इन संशोधनों का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना, निर्यातकों के लिए रिफंड प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना तथा कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है। साथ ही, जीएसटी लागू होने के बाद अप्रासंगिक हो चुके वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त कर लंबित मामलों को राजस्व मंडल को सौंपने का निर्णय लिया गया।

निजी विश्वविद्यालयों और बस्तर फाइटर्स से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना एवं संचालन से जुड़े कानून में संशोधन को मंजूरी दी। नए प्रावधानों के तहत विश्वविद्यालयों में आधारभूत अधोसंरचना, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके अलावा बस्तर फाइटर्स की भर्ती एवं सेवा शर्तों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई।

नवा रायपुर OTS योजना और किरायेदारी कानून में बदलाव

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा आवंटित भूखंडों और परिसरों पर देय ब्याज एवं अधिभार में राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी गई। इससे लंबित मामलों का समाधान होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी मिली। नए प्रावधानों से खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा मिलेगा तथा मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण और राजनांदगांव को बड़ी सौगात

कैबिनेट ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण कानून में हुए संशोधनों को राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। छोटे उल्लंघनों में अब आपराधिक कार्रवाई के बजाय आर्थिक दंड का प्रावधान होगा।

इसके अलावा राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि आवंटित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

राज्य में निवेश और विकास को मिलेगी नई गति

सरकार का कहना है कि कैबिनेट के इन फैसलों से उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा, व्यापार करना आसान बनेगा और आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आगामी मानसून सत्र में इन विधेयकों के पारित होने के बाद राज्य में प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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