मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक, मानसून सत्र से पहले कई महत्वपूर्ण निर्णय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के प्रशासन, उद्योग, शिक्षा, कर व्यवस्था, पर्यावरण और अधोसंरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि आगामी विधानसभा मानसून सत्र में पेश किए जाने वाले कई विधेयकों के प्रारूप को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही निवेश, रोजगार, बिजली भुगतान, निजी विश्वविद्यालय, जीएसटी, बस्तर फाइटर्स और नवा रायपुर विकास से जुड़े अहम फैसलों पर भी मुहर लगी।
बिजली भुगतान के लिए लागू होगी नई DDM व्यवस्था
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (CPSUs) से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू करने को मंजूरी दी। यह व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। इससे एनटीपीसी सहित अन्य केंद्रीय कंपनियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी और राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में होगा संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल (बस्तर फाइटर्स) की भर्ती एवं सेवा शर्तों से संबंधित नियम-2026 में संशोधन को मंजूरी दी। संशोधन का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाना है।
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना होगी और आसान
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। नए प्रावधानों के तहत निजी विश्वविद्यालयों में रक्षित निधि, बेहतर आधारभूत संरचना, पुस्तकालय और यूजीसी मानकों के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, जिससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
GST और VAT कानूनों में संशोधन को स्वीकृति
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (GST) संशोधन विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (VAT) संशोधन विधेयक-2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इन संशोधनों से कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तेज बनाया जाएगा। साथ ही वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त कर लंबित मामलों का निपटारा राजस्व मंडल के माध्यम से किया जाएगा।
देश का पहला ‘Ease of Doing Business’ कानून लाएगा छत्तीसगढ़
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026 को मंजूरी दी। यह कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। इसमें Deemed Permission, Self Certification, Third Party Verification और Risk Based Inspection जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिससे उद्योग स्थापित करना अधिक सरल और पारदर्शी होगा।
औद्योगिक निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (संशोधन) विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
नवा रायपुर OTS योजना को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दी। इस योजना के तहत भूखंड धारकों को ब्याज और अधिभार में राहत मिलेगी, जिससे लंबित मामलों का निराकरण, निवेश को बढ़ावा और मुकदमेबाजी में कमी आएगी।
पर्यावरण और किरायेदारी कानूनों में भी बदलाव
मंत्रिपरिषद ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम-2024 को राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम-2011 में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे किरायेदारी विवादों का त्वरित समाधान और खाली मकानों को किराये पर देने को बढ़ावा मिलेगा।
राजनांदगांव में बनेगा 2000 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आवश्यक शासकीय भूमि के आवंटन को भी मंजूरी दी। इससे जिले में सांस्कृतिक, शैक्षणिक और बड़े सार्वजनिक आयोजनों को नई सुविधा मिलेगी।















































