सुशासन तिहार में पशुपालन योजनाओं से ग्रामीणों को मिला लाभ, 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी ग्रामीणों की मांगों का समयबद्ध निराकरण करते हुए बड़ी पहल की है। इस पहल से ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है।

507 आवेदनों का किया गया त्वरित समाधान

जिला प्रशासन अंबिकापुर द्वारा सुशासन तिहार के दौरान जिलेभर से प्राप्त कुल 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण किया गया। इनमें बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन सहित विभिन्न पशुपालन गतिविधियों से जुड़े आवेदन शामिल थे।

जनपदवार आवेदनों का विवरण

प्राप्त आवेदनों में लखनपुर से 96, मैनपाट से 84, सीतापुर से 81, बतौली से 70, अंबिकापुर से 67, उदयपुर से 66 तथा लुंड्रा से 43 आवेदन शामिल रहे। सभी जनपदों में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया।

पशुपालन से स्वरोजगार को बढ़ावा

पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को न केवल योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें पशुपालन की आधुनिक तकनीक, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार एवं वैज्ञानिक पालन-पोषण की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती

अधिकारियों के अनुसार पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। सुशासन तिहार के माध्यम से आवेदनों के त्वरित निराकरण से जहां स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है, वहीं स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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