रायपुर। रायपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अब निर्णायक लड़ाई का संकेत दे दिया है। आमापारा स्थित गुरु घासीदास प्लाजा में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में राज्यभर से आए 500 से अधिक पदाधिकारियों ने एकजुटता दिखाते हुए बड़ा फैसला लिया।
17 हजार कर्मचारियों का होगा महासम्मेलन
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि एनएचएम के 21 वर्षों के सफर को चिह्नित करते हुए जल्द ही एक भव्य प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में प्रदेशभर के लगभग 17,000 कर्मचारी अपने परिवारों के साथ शामिल होंगे, जो संगठन की ताकत का बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है।
इन मांगों को लेकर होगा शक्ति प्रदर्शन
महासम्मेलन के मंच से कर्मचारी मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के सामने अपनी प्रमुख मांगें जोरदार तरीके से रखेंगे। इनमें कर्मचारियों का नियमितीकरण, ग्रेड पे का निर्धारण, अनुकंपा नियुक्ति, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, नई HR पॉलिसी का निर्माण, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगें शामिल हैं।
‘अब आर-पार की लड़ाई’ का एलान
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष शकुंतला एक्का ने स्पष्ट कहा कि अब कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरकार को पुनः ज्ञापन सौंपा जाएगा। वहीं जिला अध्यक्ष राम गोपाल खूंटे, उपाध्यक्ष लक्ष्मेन्द्र सिंहा, डॉ. मधुराज देवांगन, परमेश्वर सेन, निर्मल कुमार साहू, देव कुमार डडसेना और रवि काशयकार ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, इसके बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रदेशभर से जुटे कर्मचारी नेता
इस अहम बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी और महासचिव कौशलेश तिवारी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जिलाध्यक्ष बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
आने वाले समय में बढ़ सकता है दबाव
500 से अधिक पदाधिकारियों की इस बैठक के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज हो सकता है। प्रस्तावित महासम्मेलन प्रदेश की राजनीति और स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर डाल सकता है, जिसके चलते प्रशासन की नजरें अब इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।















































