देश में आम उपभोक्ताओं को एक और बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर के दामों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 7 जून 2026 से पूरे देश में लागू हो गई हैं। लगातार बढ़ रही कीमतों से आम लोगों के घरेलू बजट पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वैश्विक बाजार के दबाव का असर, ईरान संकट बना वजह
तेल कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी ईरान संकट के कारण यह बढ़ोतरी की गई है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के चलते भारत की आयात लागत पर भी दबाव बढ़ा है।
प्रमुख शहरों में बदली कीमतें
नई दरों के बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गया है। कमर्शियल सिलेंडर और छोटे एफटीएल सिलेंडर की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे छोटे कारोबारियों पर भी असर पड़ा है।
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी भी महंगे
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ गैस तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में भी करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी लगभग 6 रुपये प्रति किलो का इजाफा दर्ज किया गया है, जिससे परिवहन लागत बढ़ी है।
कंपनियों का तर्क
तेल कंपनियों का कहना है कि मौजूदा दरों के बावजूद पेट्रोल और डीजल की बिक्री लागत से कम कीमत पर हो रही है, जिससे कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
महंगाई के इस नए दौर में रसोई से लेकर परिवहन तक हर वर्ग पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।















































