मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर लिया गया निर्णय, किडनी रोग प्रभावित क्षेत्र को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
रायपुर/गरियाबंद। वर्षों से किडनी रोग और पेयजल संकट की दोहरी मार झेल रहे गरियाबंद जिले के दूरस्थ आदिवासी क्षेत्र सुपेबेड़ा के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में क्षेत्र की गंभीर पेयजल समस्या को देखते हुए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम एनीकेट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है।
इस निर्णय को क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
किडनी रोग प्रभावित क्षेत्र सुपेबेड़ा लंबे समय से गंभीर संकट से जूझ रहा
देवभोग विकासखंड का सुपेबेड़ा गांव लंबे समय से किडनी रोग प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे अति संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में रखा है, जहां समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जांच और उपचार की व्यवस्था की जाती है।
इसके बावजूद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जिससे स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई थी।
समीक्षा बैठक में गंभीरता से उठा मुद्दा, तत्काल स्वीकृत हुई परियोजना
सुशासन तिहार के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सुपेबेड़ा की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने तेल नदी पर स्टॉप डैम एनीकेट निर्माण की स्वीकृति तत्काल प्रदान की।
प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में जल संरक्षण को मजबूत करना और ग्रामीणों को स्थायी रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
परियोजना से पेयजल संकट के स्थायी समाधान की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। इससे न केवल पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि जलजनित बीमारियों और किडनी रोग जैसी गंभीर समस्याओं पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
स्थानीय लोगों में राहत और उम्मीद, निर्णय का किया स्वागत
मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्थानीय ग्रामीणों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि परियोजना समय पर पूरी होती है तो क्षेत्र में पेयजल संकट काफी हद तक खत्म हो जाएगा और स्वास्थ्य स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।















































