महिला स्वरोजगार के लिए महतारी वंदन योजना बनी आधार
सक्ती। छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना के तहत ग्राम अमलीडीह की निवासी श्रीमती रामेश्वरी ने घर से स्वरोजगार शुरू किया।
बचत राशि से खरीदी मशीनें, शुरू किया कपड़ा बुनाई और सिलाई व्यवसाय
श्रीमती रामेश्वरी ने प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपए की राशि को जमा किया। अपनी पूर्व बचत के साथ इसे मिलाकर लगभग 35 हजार रुपए में कपड़ा बुनने की मशीन और सिलाई मशीन खरीदी। इसके बाद उन्होंने घर से ही कपड़ा बुनाई और सिलाई का काम शुरू किया।
व्यवसाय से प्रतिमाह 10–12 हजार रुपए की आय, अन्य महिलाएं सीख रही हैं व्यवसाय
अब श्रीमती रामेश्वरी इस व्यवसाय से प्रतिमाह 10–12 हजार रुपए कमा रही हैं। उनके प्रयास से ग्राम की अन्य महिलाएं भी व्यवसाय सीख रही हैं। व्यवसाय से होने वाली आय घर और बच्चों की पढ़ाई में इस्तेमाल की जा रही है।
भविष्य की योजना: व्यवसाय का विस्तार
श्रीमती रामेश्वरी ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को जोड़कर वे अपने व्यवसाय को और बढ़ाने की योजना बना रही हैं।















































