ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति और बीमा सुविधा सहित कई अहम मांगें 5 माह से लंबित
प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी एक बार फिर अपनी लंबित मांगों को लेकर लामबंद हो गए हैं। आगामी विधानसभा सत्र के दौरान कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाने तथा निराकरण नहीं होने की स्थिति में घेराव और आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
ये हैं प्रमुख मांगें
एनएचएम कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- ग्रेड पे प्रदान करना
- चिकित्सा परिचर्या सुविधा उपलब्ध कराना
- अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान
- स्थानांतरण नीति लागू करना
- नई मानव संसाधन नीति लागू करना
- नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन खाते के माध्यम से बीमा सुविधा प्रदान करना
संघ के अनुसार इन मांगों से संबंधित फाइलें मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद पिछले पांच माह से प्रशासनिक स्तर पर लंबित हैं।
17,500 कर्मचारी कर सकते हैं व्यापक आंदोलन
एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी, प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा और प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कई बार मुलाकात और सार्वजनिक घोषणा के बावजूद अब तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के लगभग 17,500 एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
महासमुंद जिले का समर्थन
महासमुंद जिले से जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मेन्द्र सिंहा सहित परमेश्वर सेन, मनीष भारद्वाज, सुरेंद्र चंद्राकर, डॉ. देवेंद्र साहू और डॉ. मधुराज देवांगन ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
संघ ने शासन से मांग की है कि लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें और कर्मचारियों को न्याय मिल सके।










































