खरसिया। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की सूची से अचानक नाम हटाए जाने से ग्राम पंचायत मदनपुर के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश देखा गया। बड़ी संख्या में प्रभावित हितग्राही सोमवार को लिखित आवेदन लेकर खरसिया तहसील कार्यालय पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने बताया कि वे सभी मदनपुर के स्थायी निवासी हैं और योजना के तहत पूरे दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था। पूर्व में सत्यापन के बाद वे लंबे समय से योजना का लाभ ले रहे थे, लेकिन हालिया सूची में उन्हें बिना किसी सूचना के अपात्र घोषित कर दिया गया। इससे हितग्राहियों में नाराजगी फैल गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिन लोगों के पास एक इंच भी भूमि नहीं है, उनके नाम पर रिकॉर्ड में गलत तरीके से जमीन दर्ज कर दी गई, इसी आधार पर उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। कई मामलों में मौके पर जांच किए बिना ही नाम काट दिए गए।
हितग्राहियों ने मांग की कि मृतकों को छोड़कर सभी वास्तविक पात्र लाभार्थियों को पुनः योजना में शामिल कर लाभ बहाल किया जाए। इस संबंध में ग्रामीणों ने तहसीलदार खरसिया को ज्ञापन सौंपा।
मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल तहसील कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर अधिकारियों को निष्पक्ष पुनः सर्वे कराने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि जिनके नाम पर गलत तरीके से भूमि दर्शाई गई है, यदि वास्तव में भूमि दर्ज है तो उन्हें कब्जा दिलाया जाए, अन्यथा त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड सुधारकर पुनः योजना का पात्र बनाया जाए।
विधायक उमेश पटेल ने भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र हितग्राही के साथ अन्याय नहीं होगा और पूरे मामले का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।










































