20 अगस्त को होगा भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी होंगे शामिल
खरसिया। स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि के अवसर पर आगामी 20 अगस्त 2026 को जोबी में आयोजित होने वाले “संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह” की तैयारियों को लेकर जोबी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं और आयोजन को सफल बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की तैयारियों पर हुआ मंथन
बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं आयोजन से जुड़े लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा, आमंत्रित अतिथियों के आगमन, सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं के साथ अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री सहित दिग्गज नेता होंगे शामिल
आयोजकों के अनुसार भव्य संस्कृति गौरव महासम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं रायगढ़ विधायक तथा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव का किया जाएगा पुण्य स्मरण
बैठक में स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव के जीवन तथा उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान को भी याद किया गया। वक्ताओं ने उन्हें धर्मरक्षक, हिन्दुकुलतिलक एवं घर वापसी महाभियान के पुरोधा के रूप में स्मरण किया।
आयोजकों ने कहा कि उनका जीवन सनातन संस्कृति, राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी अध्याय रहा है। पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित महासम्मेलन में उनके विचारों, कार्यों एवं योगदान का स्मरण किया जाएगा। साथ ही संस्कृति और समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों का अभिनंदन एवं सम्मान भी किया जाएगा।
आयोजन को सफल बनाने जुटे कार्यकर्ता
बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का संकल्प लिया। क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों, संस्कृति प्रेमियों एवं सनातन समाज के लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई।
20 अगस्त को जोबी में आयोजित होने वाला यह महासम्मेलन स्व. कुमार दिलीप सिंह जूदेव की स्मृतियों को समर्पित रहेगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के माध्यम से सनातन संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया जाएगा।






























