फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला
रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में 2 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) घरघोड़ा ने आरोपी राजू महतो को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को उसके जीवन के शेष समय तक कारावास में रहना होगा। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में कुल 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
22 अगस्त 2023 को हुई थी घटना
मामला 22 अगस्त 2023 का है। बच्ची की मां ने पूंजीपथरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, दोपहर के समय आरोपी राजू महतो घर आया था। उस दौरान बच्ची कमरे में सो रही थी। मां घर के पीछे पड़ोसी से बातचीत कर रही थी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने पर आरोपी आपत्तिजनक स्थिति में मिला और वह मौके से भाग गया।
पुलिस ने जांच के बाद पेश किया था चालान
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। पुलिस ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य जुटाकर मामले की चालान रिपोर्ट न्यायालय में पेश की।
मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर दोषसिद्धि
मामले की सुनवाई एफटीएससी पॉक्सो कोर्ट घरघोड़ा के विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन कुरैशी ने की। पीड़ित बच्ची की मां द्वारा आरोपी के खिलाफ बयान नहीं दिए जाने के बावजूद अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट और विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना और सजा सुनाई।
पीड़ित बच्ची को मिलेगी 6 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति
अदालत ने 2 वर्षीय पीड़ित बच्ची को 6 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिलाने की अनुशंसा भी की है। यह राशि विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से प्रदान की जाएगी। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अर्चना प्रेम मिश्रा ने पैरवी की।
कड़ी सजा से मिला सख्त संदेश
इस फैसले से नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों में कठोर कार्रवाई का संदेश गया है। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए पीड़ित बच्ची के लिए क्षतिपूर्ति की भी अनुशंसा की है।















































