नई दिल्ली। आने वाले समय में व्यापारियों को किए जाने वाले कुछ UPI (Unified Payments Interface) ट्रांजैक्शन पर चार्ज लग सकता है। सरकार मर्चेंट्स को किए जाने वाले 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने पर विचार कर रही है।
आम लोगों के बीच UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा शुल्क
प्रस्तावित व्यवस्था में एक व्यक्ति के सामान्य UPI अकाउंट से दूसरे व्यक्ति के सामान्य UPI अकाउंट में किए जाने वाले भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसका असर मुख्य रूप से व्यापारिक लेन-देन पर पड़ सकता है।
0.25% से 0.40% तक हो सकता है MDR
जानकारी के अनुसार, सरकार व्यापारियों को किए जाने वाले बड़े UPI भुगतान पर 0.25 प्रतिशत से 0.40 प्रतिशत तक MDR चार्ज लगाने की अनुमति दे सकती है। हालांकि इसे लागू करने की तारीख को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
छोटे दुकानदारों और रोजमर्रा के भुगतान पर कम असर
सरकारी अनुमान के मुताबिक, 2000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन कुल लेन-देन का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा हैं, लेकिन कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनका हिस्सा ज्यादा है। दूध, सब्जी, किराना सामान और ऑटो-टैक्सी जैसे छोटे भुगतानों पर इसका असर पड़ने की संभावना कम बताई जा रही है।
95 प्रतिशत UPI ट्रांजैक्शन रहेंगे चार्ज से बाहर
अधिकारियों के अनुसार, यदि MDR व्यवस्था लागू होती भी है तो लगभग 95 प्रतिशत UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। साथ ही सभी व्यापारी यह शुल्क ग्राहकों से वसूल करेंगे, यह जरूरी नहीं है।
सरकार तय कर सकती है अधिकतम सीमा
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार चार्ज की जाने वाली राशि पर अधिकतम सीमा (सीलिंग) तय कर सकती है, ताकि उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
अभी कार्ड पेमेंट पर लगता है MDR
वर्तमान में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भुगतान पर MDR लिया जाता है। क्रेडिट कार्ड में यह शुल्क कई मामलों में 3 प्रतिशत तक हो सकता है, जबकि डेबिट कार्ड के लिए अलग-अलग सीमा निर्धारित है। UPI में MDR लागू करने का उद्देश्य भुगतान प्रणाली की लागत को संतुलित करना बताया जा रहा है।















































