रायगढ़। भारतीय जनता पार्टी शहर मंडल रायगढ़ के महामंत्री संतोष साहू ने संसद परिसर में कांग्रेस सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए हालिया विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जहां प्रत्येक जनप्रतिनिधि का आचरण मर्यादित, जिम्मेदार और राष्ट्र की सांस्कृतिक भावनाओं के अनुरूप होना चाहिए।
संतोष साहू ने कहा कि यदि किसी विरोध प्रदर्शन, भाषा, प्रतीक या व्यवहार से करोड़ों सनातन अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं या संत समाज तथा भगवा परंपरा का अनादर प्रतीत होता है, तो यह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं कहा जा सकता। भारत की सनातन संस्कृति त्याग, तपस्या, सेवा और आध्यात्मिक मूल्यों की महान परंपरा रही है, जिसने सदियों से समाज और राष्ट्र को नैतिक दिशा प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने तथा सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी भी धर्म, आस्था, संत समाज या उसके प्रतीकों को विवाद और राजनीतिक प्रदर्शन का माध्यम बनाना उचित नहीं है। संसद की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है।
संतोष साहू ने कहा कि सनातन केवल एक धर्म नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, सभ्यता और जीवन दर्शन का आधार है। इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे संसद की गरिमा बनाए रखें तथा देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं का सदैव सम्मान करें।
अंत में उन्होंने कहा कि “सनातन का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है। संत समाज और सनातन परंपरा के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं हो सकता।”















































