नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बल्क डिपॉजिट यानी 3 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। आरबीआई ने 30 जुलाई 2026 को नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य बैंकों को जमा राशि की ब्याज दर तय करने में अधिक लचीलापन देना है।
1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे नए नियम
आरबीआई के अनुसार नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे। सभी वाणिज्यिक बैंकों को संशोधित दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। यह बदलाव बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35A सहित अन्य प्रावधानों के तहत किया गया है।
बल्क डिपॉजिट पर अलग-अलग ब्याज दरों की अनुमति
नए नियमों के तहत बैंक अब रन-ऑफ जोखिम के आधार पर अलग-अलग बल्क डिपॉजिट दरें तय कर सकेंगे। इससे बैंकों को बड़ी जमा राशि के मूल्य निर्धारण में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी।
हर दिन वेबसाइट पर बतानी होगी ब्याज दर
आरबीआई ने निर्देश दिया है कि बल्क डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज दरों की जानकारी बैंक को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर हर कार्य दिवस सुबह 10 बजे तक जारी करनी होगी।
इसमें अधिकतम 10 मिनट की छूट दी गई है, यानी बैंकों को सुबह 10:10 बजे तक ब्याज दरों का खुलासा करना अनिवार्य होगा।
सभी ग्राहकों और शाखाओं के लिए समान नियम
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि समान राशि और समान तारीख पर स्वीकार की गई बल्क डिपॉजिट के लिए ब्याज दरों में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी शाखाओं और ग्राहकों के लिए नियम समान रखने होंगे।
बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश
आरबीआई का यह कदम बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और बड़ी जमा राशि वाले ग्राहकों के लिए स्पष्ट नियम सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।















































