Chhattisgarh Forest Department : चार आईएफएस अफसरों की सेवानिवृत्ति से वन विभाग में बढ़ेगी वरिष्ठ अधिकारियों की कमी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग पहले से ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। इसी बीच इस माह चार वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने से विभाग में सीनियर अफसरों की कमी और बढ़ने की संभावना है। सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों में प्रेम कुमार, अनिल कुमार साहू, आलोक तिवारी और राजेश चंदेले शामिल हैं।

वन विकास निगम और लघु वनोपज संघ के पद होंगे प्रभावित

सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों में प्रेम कुमार वर्तमान में वन विकास निगम के प्रबंध निदेशक (MD) हैं, जबकि अनिल कुमार साहू लघु वनोपज संघ के एमडी पद पर हैं। दोनों संस्थाओं में एमडी के पद सामान्यतः पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) स्तर के अधिकारियों द्वारा संभाले जाते हैं।

विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या सीमित होने के कारण इन महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति को लेकर चुनौती बढ़ सकती है।

195 स्वीकृत पदों के मुकाबले 153 आईएफएस अधिकारी

वन विभाग में भारतीय वन सेवा अधिकारियों के कुल 195 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में केवल लगभग 153 आईएफएस अधिकारी ही कार्यरत हैं। इनमें से करीब 10 प्रतिशत अधिकारी केंद्र और अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति पर हैं।

अधिकारियों की कमी के चलते विभागीय कामकाज और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के संचालन पर भी असर पड़ने की स्थिति बन रही है।

15 आईएफएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर

छत्तीसगढ़ के करीब 15 भारतीय वन सेवा अधिकारी केंद्र और राज्य के विभिन्न विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। इनमें अमरनाथ प्रसाद, प्रणीता पॉल, राजेश कल्लाजे, सोमा दास, विवेक आचार्य, राजू आगसिमानी, विश्वेश कुमार, जे. श्रीराम, सतोविशा समाजदार, विजया रात्रे, प्रियंका पांडेय, प्रणय मिश्रा और नायर विष्णु राज सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

अगले महीने वन मुख्यालय में बदलाव की संभावना

अधिकारियों की सेवानिवृत्ति के बाद अगले महीने वन मुख्यालय में प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कुछ अधिकारियों के तबादले और नई जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। रायपुर रेंज में भी अधिकारियों के स्थानांतरण की चर्चा है।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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