नई दिल्ली। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बीच हुई बैठक के बाद संगठन ने जंतर-मंतर पर चल रहे अपने आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की है। कान्स्टिटूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ सीजेपी के प्रतिनिधियों सौरव दास और आशुतोष रांका ने संयुक्त प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। सीजेपी ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की।
तीन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति का दावा
प्रेस वार्ता में सीजेपी नेताओं ने दावा किया कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। संगठन के अनुसार इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने और नीट प्रभावित छात्रों के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग शामिल है। साथ ही चार सप्ताह बाद सीजेपी प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्रियों के बीच शिक्षा व्यवस्था एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार को लेकर फिर से बैठक होगी।
एफआईआर वापस लेने का दावा
सीजेपी नेता सौरव दास ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां छात्र आंदोलनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने का भरोसा दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भविष्य में आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मुआवजे और शिक्षा सुधार पर चर्चा
सीजेपी के आशुतोष रांका ने बताया कि आंदोलन के दौरान घायल लोगों के उपचार और सहायता के लिए एक करोड़ रुपये मुआवजे के मुद्दे पर भी सहमति बनी है। उनके अनुसार सरकार मंगलवार तक इस संबंध में लिखित आश्वासन देने की बात कही है।
जेपी नड्डा ने क्या कहा
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आंदोलनकारियों की ओर से सरकार को चार सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार नियमों के अनुसार मुआवजे, विभिन्न राज्यों में दर्ज मामलों तथा शिक्षा सुधार से जुड़े सुझावों का अध्ययन करेगी। साथ ही आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे भी संवाद जारी रहेगा।
बैठक के बाद सीजेपी ने घोषणा की कि अपनी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद संगठन तत्काल प्रभाव से अपना आंदोलन समाप्त कर रहा है।















































