शहर को चार जोन में बांटकर निगरानी, पंचधारी एनीकट से लेकर निचली बस्तियों तक प्रशासन अलर्ट
रायगढ़। जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने शहर के विभिन्न बाढ़ एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पंचधारी एनीकट और नदी किनारे का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने सबसे पहले पंचधारी एनीकट का निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जलस्तर एवं वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने नदी किनारे के दोनों छोरों का जायजा लेते हुए बड़े रामपुर, बालसमुंद तालाब क्षेत्र और मोदी नगर सहित संवेदनशील इलाकों में जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया।
संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लगातार बारिश और आगामी दिनों में वर्षा की संभावना को देखते हुए सभी संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ सक्रिय रहें और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करें।
नगर निगम ने शहर को चार जोन में बांटा
नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि मानसून के दौरान जलभराव से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए शहर को चार जोन में विभाजित किया गया है।
- प्रथम जोन: जिंदल पतरापाली क्षेत्र
- द्वितीय जोन: मुख्य शहर क्षेत्र
- तृतीय जोन: जूटमिल क्षेत्र
- चतुर्थ जोन: चक्रधर नगर चौक क्षेत्र
प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी संबंधित इंजीनियरों एवं कार्यपालन अभियंताओं को सौंपी गई है। तकनीकी विभाग, राजस्व विभाग और सफाई अमला लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था पर निगरानी रखे हुए हैं।
अब तक नहीं बनी गंभीर जलभराव की स्थिति
प्रशासन ने बताया कि विभागों के बेहतर समन्वय और लगातार मॉनिटरिंग के कारण अब तक शहर में कहीं भी गंभीर जलभराव की स्थिति नहीं बनी है। बारिश के दौरान सभी टीमें पूरी सतर्कता के साथ मैदानी स्तर पर तैनात हैं।















































