106 हाथियों की मौजूदगी, रात के अंधेरे में बस्ती तक पहुंच रहे गजराज
रायगढ़। धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जंगल से निकलकर हाथियों के झुंड अब रात के समय बस्तियों तक पहुंच रहे हैं। बीती रात अलग-अलग रेंज में हाथियों ने धान फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कच्चे मकान और सिंचाई उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
18 हाथियों के झुंड ने गेरसा सागरपुर में मचाया नुकसान
जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ रेंज के गेरसा सागरपुर क्षेत्र में जंगल से निकलकर करीब 18 हाथियों का झुंड गांव के पास पहुंच गया। हाथियों ने ग्रामीणों बिरेंद्र, संजीत, पुरसून, लक्ष्मी और रामरा की धान फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा पंप पाइप को भी तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक हाथी क्षेत्र में डटे रहे।
कई गांवों में फसल और मकान क्षतिग्रस्त
गेरसा क्षेत्र में एक हाथी ने बारिश राम की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं नरकालो गांव में दलबीर सिंह और दिलीप सिंह की धान फसल बर्बाद कर दी।
इसके अलावा कापू रेंज के सोनाजोरी में हाथी ने जोसेफ टोप्पो के कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथी ने साइकिल, बाउंड्रीवाल और धान को भी नुकसान पहुंचाया है।
वन विभाग ने शुरू किया नुकसान का आंकलन
घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन करने में जुट गए हैं। विभाग द्वारा प्रभावित ग्रामीणों की क्षति का आकलन कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
धरमजयगढ़ वन मंडल में 106 हाथियों की मौजूदगी
धरमजयगढ़ वन मंडल के अलग-अलग रेंज में वर्तमान में 106 हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। इनमें 36 नर, 47 मादा और 23 शावक शामिल हैं।
सबसे अधिक हाथियों की संख्या:
- धरमजयगढ़ रेंज के गेरसा में – 18 हाथी
- बोरो रेंज के खम्हार उत्तर में – 16 हाथी
- कापू रेंज के कमरई बीट में – 16 हाथी
इसके अलावा छाल, धरमजयगढ़, कापू, बोरो और बाकारूमा रेंज के विभिन्न बीटों में हाथी छोटे समूहों में विचरण कर रहे हैं।















































