करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से हुआ आधुनिकीकरण, यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए हर्रावाला रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर हर्रावाला रेलवे स्टेशन परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
उत्तराखंड के 11 स्टेशनों का हो रहा आधुनिकीकरण
भारत सरकार की महत्वाकांक्षी Amrit Bharat Station Scheme के तहत उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत हर्रावाला रेलवे स्टेशन को लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है।
हर्रावाला रेलवे स्टेशन देहरादून से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वर्तमान में देहरादून रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 16 ट्रेनों का संचालन होता है, जिनमें से केवल तीन ट्रेनों का ठहराव हर्रावाला स्टेशन पर है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें आधुनिक वेटिंग रूम, आरक्षण काउंटर, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष काउंटर, जलपान गृह, पूछताछ केंद्र, पार्किंग और करीब 15 कमरों का निर्माण शामिल है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन सुविधाओं से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा और स्टेशन क्षेत्र में यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा।
अधिक ट्रेनों के ठहराव की उठ रही मांग
हर्रावाला स्टेशन पर वर्तमान में प्रतिदिन करीब 80 से 90 टिकटों की बिक्री होती है। यहां से केवल सामान्य श्रेणी के टिकट उपलब्ध हैं। स्टेशन अधीक्षक गोपाल सिंह बिष्ट के अनुसार, वर्तमान में स्टेशन पर एक ही प्लेटफार्म उपलब्ध है, लेकिन क्षेत्र की बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य में यहां अधिक ट्रेनों का ठहराव संभव है।
क्षेत्र में करीब एक लाख की आबादी होने के कारण स्थानीय लोग लंबे समय से हर्रावाला स्टेशन पर अधिक ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं। इससे यात्रियों को देहरादून जाने की परेशानी से राहत मिलेगी और समय, धन व ईंधन की बचत होगी।
नए स्टेशन के संचालन का इंतजार
हर्रावाला रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद अब क्षेत्रवासियों की नजरें इस बात पर हैं कि स्टेशन को पूरी क्षमता के साथ कब संचालित किया जाएगा और कब अधिक ट्रेनों का ठहराव यहां सुनिश्चित होगा। इससे स्थानीय यात्रियों को विकसित स्टेशन का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।















































