रायगढ़। रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट कहा है कि जिले में राजस्व कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन की प्राथमिकता वाले सभी राजस्व कार्यों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलेक्ट्रेट के सृजन सभाकक्ष में आयोजित मैदानी राजस्व अमले की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजस्व अमले को सम्मानित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
📊 कार्यप्रदर्शन के आधार पर होगा मूल्यांकन
कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी का मूल्यांकन उसकी कार्य प्रगति, गुणवत्ता और प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। समीक्षा के दौरान जिले की सभी तहसीलों के राजस्व कार्यों का विस्तृत आकलन किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक तहसील के एक-एक पटवारी को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं जिनका कार्य निष्पादन संतोषजनक नहीं मिला, उनकी सूची तैयार कर आवश्यकतानुसार स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
🗺️ नक्शा बटांकन और लंबित प्रकरणों पर जोर
बैठक में नक्शा बटांकन की ग्रामवार प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी राजस्व अमले को लक्ष्य तय कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बेहतर प्रगति हासिल करने वाले पटवारियों से उनके कार्य अनुभव और नवाचारों की जानकारी भी ली गई, ताकि उनकी कार्यप्रणाली अन्य क्षेत्रों में भी लागू कर प्रगति तेज की जा सके।
🖥️ डिजिटल सेवाओं की तहसीलवार समीक्षा
कलेक्टर ने सुशासन तिहार के अंतर्गत लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निम्न डिजिटल सेवाओं की तहसीलवार समीक्षा की—
- डिजिटल ऋण पुस्तिका
- डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा
- फार्मर रजिस्ट्री
- मल्टीपल ओनर खातों में बकेट क्लेम
उन्होंने सभी कार्यों को गंभीरता और गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
🌾 स्वामित्व योजना और वनाधिकार मामलों की समीक्षा
बैठक में स्वामित्व योजना, असर्वेक्षित मसाहती वन से राजस्व ग्रामों की प्रगति, वनाधिकार पट्टाधारियों के फौती नामांतरण तथा अन्य लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अविवादित नामांतरण और खाता विभाजन के आवेदनों का त्वरित पंजीयन कर समयबद्ध निराकरण किया जाए।
⚠️ लैलूंगा और मुकड़ेगा की धीमी प्रगति पर नाराजगी
लैलूंगा और मुकड़ेगा तहसीलों में मिसल से खसरा मिलान की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित राजस्व अमले को अधिक गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
🤝 पंचायत स्तर पर सुलझेंगे छोटे विवाद
कलेक्टर ने कहा कि छोटे-छोटे राजस्व विवादों का समाधान ग्राम पंचायत स्तर पर गठित सामुदायिक मध्यस्थता समिति के माध्यम से किया जाए।
इससे—
- ग्रामीणों को त्वरित राहत मिलेगी
- राजस्व न्यायालयों का भार कम होगा
- लंबित मामलों में तेजी आएगी
साथ ही पटवारी प्रतिवेदन के अभाव में लंबित प्रकरणों में तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
📱 विशेष प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित
समीक्षा बैठक के बाद राजस्व अमले के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें—
- RBC-6-4 पोर्टल
- भू-अर्जन एप
के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि RBC-6-4 पोर्टल से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण में मदद मिलेगी, जबकि भू-अर्जन एप से राजस्व अभिलेखों का सुव्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित प्रबंधन संभव होगा।















































