रायपुर। छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित पांच नए मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मान्यता दिलाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, दंतेवाड़ा और कुनकुरी (जशपुर) में प्रस्तावित इन मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण एनएमसी की टीम पहले ही कर चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण के दौरान टीम ने कॉलेज भवन, संबद्ध अस्पताल, फैकल्टी, चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया है। अब अंतिम निर्णय एनएमसी की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इनमें से कम से कम तीन मेडिकल कॉलेजों को आगामी शैक्षणिक सत्र से मान्यता मिल जाएगी, जिससे राज्य में नए छात्रों के लिए प्रवेश का मार्ग खुल सकेगा।
मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा विस्तार
यदि तीन मेडिकल कॉलेजों को भी मान्यता मिलती है तो यह राज्य में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे न केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माने जा रहे कॉलेज
इन प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इनमें से एक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के क्षेत्र, दूसरा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के क्षेत्र और तीसरा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के क्षेत्र में प्रस्तावित है। ऐसे में इन परियोजनाओं को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जबकि समय पर मान्यता न मिलने पर विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है।
प्राध्यापकों की नियुक्ति और तैयारियां तेज
सरकार एनएमसी की सभी शर्तों को पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। कवर्धा मेडिकल कॉलेज में आठ, मनेंद्रगढ़ में छह, जांजगीर-चांपा में पांच, दंतेवाड़ा में चार और कुनकुरी में तीन प्राध्यापकों की नियुक्ति की जा चुकी है। साथ ही अन्य स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी है।
करोड़ों की लागत से तैयार हो रहे मेडिकल कॉलेज भवन
इन सभी मेडिकल कॉलेजों के लिए बड़े स्तर पर निर्माण कार्य चल रहा है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत राशि इस प्रकार है—
- मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज – 323.03 करोड़ रुपये
- कवर्धा मेडिकल कॉलेज – 318.27 करोड़ रुपये
- जांजगीर-चांपा मेडिकल कॉलेज – 318.27 करोड़ रुपये
- दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज – 326.53 करोड़ रुपये
- कुनकुरी मेडिकल कॉलेज – 359 करोड़ रुपये
जल्द पूरी होगी डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। एनएमसी की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण और दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद अब अंतिम मंजूरी का इंतजार है, जो राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को नई दिशा दे सकती है।















































