नाला सफाई कार्य में वित्तीय अनियमितता का दावा, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
काम खत्म होने के बाद सूचना बोर्ड लगाने का भी आरोप, जांच नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
खरसिया। ग्राम पंचायत टेमटेमा के आश्रित ग्राम सेन्दरीपाली में मनरेगा के तहत कराए गए कनक सागर से स्टाफ डेम तक नाला सफाई कार्य में कथित फर्जी मास्टर रोल और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कार्य के मास्टर रोल में ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं जिन्होंने मौके पर कभी मजदूरी नहीं की, लेकिन उनके नाम पर उपस्थिति दर्ज कर शासकीय राशि का भुगतान दर्शाया गया है। उनका कहना है कि इससे वास्तविक मजदूर योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका पैदा हो गई है।

ज्ञापन में नानबाई/चेतन, पुष्पा पटैल/चूड़ामणि पटैल, सीताराम, आनंद दास महंत, मोहनलाल, रुक्मणी पटेल, पूर्णिमा, गंगाबाई/कन्हैया, भारती पटेल/चैतन पटेल, सोहद्रा, टीकाराम/कन्हैया, शांति पटेल एवं भोजराम पटेल सहित अन्य नामों का उल्लेख करते हुए कथित फर्जी प्रविष्टियों की जांच की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित कार्य का सूचना बोर्ड कार्य पूर्ण होने के बाद लगाया गया, जिससे कार्य की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मास्टर रोल, उपस्थिति पंजी, मस्टर सत्यापन रिपोर्ट एवं भुगतान संबंधी सभी दस्तावेजों की जांच कर उन्हें सार्वजनिक करने की मांग की है।
कलेक्टर जनदर्शन में सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनपद पंचायत कार्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
मनरेगा नाला सफाई कार्य की उच्चस्तरीय जांच।
कथित फर्जी मास्टर रोल की सत्यता की जांच।
भुगतान एवं उपस्थिति संबंधी अभिलेखों का सत्यापन।
दोषी अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई।
जांच रिपोर्ट एवं संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।
















































