रायगढ़। जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक विशेष सघन कुष्ठ खोज अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीमें जिले के सभी विकासखंडों में घर-घर जाकर लोगों की जांच करेंगी और संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराएंगी।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य टीम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान में ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और मितानिनें प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों की जांच करेंगी।
संदिग्ध मामलों की जानकारी मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज की जाएगी और उनका पंजीयन ‘निक्षय-कुष्ठ 2.0’ पोर्टल पर किया जाएगा।
कुष्ठ रोग के लक्षणों पर विशेष नजर
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि शरीर पर सफेद या तांबे रंग के दाग, प्रभावित हिस्से में सुन्नपन, नसों में दर्द या मोटापन, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट और चेहरे या कान में असामान्य बदलाव कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
विभाग ने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से इस बीमारी से होने वाली विकलांगता को रोका जा सकता है।
जिले में प्रसार दर 3.78, लक्ष्य एक से कम
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैंकरा ने बताया कि जिले में कुष्ठ प्रसार दर 3.78 है, जिसे राष्ट्रीय मानक एक से कम लाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि सर्वे टीम का सहयोग करें और परिवार के सभी सदस्यों की जांच अवश्य कराएं, ताकि बीमारी की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।















































