नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सीएम विष्णु देव साय की पहल: सांसदों-विधायकों से समयबद्ध क्रियान्वयन का आह्वान

SHARE:

Vishnu Deo Sai ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर राज्य के सभी सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने 16 अप्रैल को संसद में प्रस्तावित चर्चा को भारतीय लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक अवसर बताया है।


महिला सशक्तीकरण को बताया राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2023 में यह अधिनियम सर्वसम्मति से पारित हुआ था, जो महिला सशक्तीकरण के प्रति देश की सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ठोस पहल की जाए, ताकि महिलाओं को समय पर उचित प्रतिनिधित्व मिल सके।


विधायकों से ‘मातृशक्ति नेतृत्व’ को बढ़ावा देने की अपील

विधायकों को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है जब महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ को देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक बताया और सकारात्मक वातावरण बनाने की अपील की।


महिला संगठनों की भूमिका की सराहना

मुख्यमंत्री ने महिला संगठनों को संबोधित करते हुए उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रखी गई है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल की संसदीय चर्चा केवल विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।


छत्तीसगढ़ की योजनाओं का भी किया उल्लेख

Vishnu Deo Sai ने कहा कि यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब राज्य में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहलों के सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख किया।


सामूहिक प्रयास से नई दिशा की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में मजबूत जनमत तैयार करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाएगी और महिला सशक्तीकरण के नए युग की शुरुआत करेगी।

Amit sahu
Author: Amit sahu

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई