रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास को प्राथमिकता दिए जाने के परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में यह संदेश प्रमुखता से सामने आ रहा है कि श्रमिक केवल आर्थिक इकाई नहीं, बल्कि समाज की मजबूत आधारशिला हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य श्रमिकों के जीवन में स्थायित्व, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसे एक सशक्त और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष जोर
राज्य में श्रमिकों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना, प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि देना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसके अलावा, “श्रम अन्न योजना” के तहत मात्र 5 रुपये में गरम और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना श्रमिक हित में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
आर्थिक सहायता सीधे खातों में, पारदर्शिता में बढ़ोतरी
पिछले दो वर्षों में उद्योग एवं श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना सुनिश्चित हुआ है।
दुर्घटना सहायता, आवास सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हजारों श्रमिक प्रतिदिन लाभान्वित हो रहे हैं।
औद्योगिक विकास नीति से निवेश और रोजगार में वृद्धि
राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सैकड़ों नए उद्योगों की स्थापना और हजारों युवाओं को रोजगार मिलने से राज्य की आर्थिक संरचना मजबूत हो रही है।
नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर में निवेश तथा स्टार्टअप नीति के क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ को तकनीकी और आधुनिक अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है।
श्रम और उद्योग मंत्री के नेतृत्व की भूमिका
उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व को राज्य की औद्योगिक और श्रम नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके कार्यकाल में श्रमिक कल्याण और औद्योगिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की नीति को मजबूत आधार मिला है।
डिजिटल प्रशासन और निवेश अनुकूल माहौल
ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे प्रशासनिक सुधारों से राज्य में पारदर्शिता और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। इससे छत्तीसगढ़ देश में एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन पर फोकस
सरकार द्वारा महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास योजनाएं लागू कर सामाजिक समावेशन को मजबूती दी जा रही है।















































