रायगढ़। सहारा इंडिया (Sahara India) निवेशकों के करोड़ों रुपये की वसूली से जुड़े मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रायगढ़ के पूर्व ब्रांच मैनेजर ओमप्रकाश शर्मा के बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश के बावजूद कथित तौर पर उन्हें अनफ्रीज कर दिया गया, जिसके बाद खातों से करीब 3 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। मामले के सामने आने के बाद एसएसपी शशिमोहन सिंह ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
निवेशकों की राशि वसूली के लिए पहले किए गए थे खाते फ्रीज
सहारा इंडिया में निवेशकों की जमा राशि की वसूली के लिए न्यायालय के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन संयुक्त कार्रवाई कर रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया था कि पूर्व शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा ने निवेशकों की रकम अपने विभिन्न खातों में जमा की थी। इससे पहले उनकी 19 संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।
आगे की जांच में बैंक ऑफ बड़ौदा के चार, पंजाब नेशनल बैंक के एक और एचडीएफसी बैंक के एक खाते में जमा करीब 3 करोड़ रुपये की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा इन खातों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए थे और संपत्ति कुर्की के लिए कलेक्टर को भी पत्र भेजा गया था।
एसपी के आदेश के बाद कैसे अनफ्रीज हुए खाते?
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाद में किसी पुलिस अधिकारी की ओर से बैंकों को एक पत्र भेजा गया, जिसमें संबंधित खातों को अनफ्रीज करने का निर्देश दिया गया था। इसी पत्र के आधार पर खातों से पूरी राशि निकाले जाने की बात सामने आई है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस अधीक्षक के आदेश को निरस्त करने या उसके विपरीत निर्देश जारी करने का अधिकार किस स्तर के अधिकारी को था और यह पत्र किन परिस्थितियों में जारी किया गया।
पुलिस अधिकारी और बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में एक पुलिस अधिकारी के साथ-साथ संबंधित बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बैंकों को भेजे गए पत्र पर किस थाना प्रभारी (टीआई) के हस्ताक्षर थे और वह पत्र किस आधार पर जारी किया गया।
एडिशनल एसपी को सौंपी गई जांच
एसएसपी शशिमोहन सिंह ने मामले की जांच की जिम्मेदारी एडिशनल एसपी अनिल सोनी को सौंपी है। उन्हें पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि खातों के अनफ्रीज होने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसमें किसी प्रकार की मिलीभगत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग के कुछ पुराने कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।















































