करवाडीह में आत्मीय स्वागत, कई कार्यक्रमों में रहे शामिल
खरसिया के छाया विधायक महेश साहू जब करवाडीह पहुंचे, तो पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला। वे विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल हुए और इस दौरान अपने कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की। हर वर्ग के लोगों से संवाद करते हुए उन्होंने गांव की जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया।

कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, समस्याओं को गंभीरता से सुना
अपने दौरे के दौरान महेश साहू ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। यह संवाद औपचारिकता से आगे बढ़कर रहा, जहां हर मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने समाधान की दिशा में ठोस पहल का भरोसा दिलाया। कार्यकर्ताओं ने भी खुलकर अपनी बात रखी, जिससे आपसी विश्वास और संवाद की मजबूत नींव दिखाई दी।
नदी के बावजूद जल संकट, ग्रामीणों ने रखी बड़ी समस्या
गांव के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक अहम समस्या उठाई—नदी होने के बावजूद करवाडीह जल संकट से जूझ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि नदी किनारे पचरी (घाट) का निर्माण हो जाए, तो पानी निकालना आसान हो जाएगा और गांव के लोगों को राहत मिलेगी। गर्मी के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है।
महेश साहू की त्वरित कार्रवाई, इंजीनियर को दिए निर्देश
ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए महेश साहू ने मौके पर ही संबंधित इंजीनियर से फोन के माध्यम से संपर्क किया और निर्देश दिए कि गांव का जल्द से जल्द निरीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया जाए। उनकी इस त्वरित पहल ने यह स्पष्ट किया कि वे समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हैं।
ग्रामीणों में खुशी की लहर, खुलकर की प्रशंसा
महेश साहू की सक्रियता से ग्रामीणों में संतोष और उम्मीद का माहौल देखने को मिला। लोगों ने उनकी सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इस प्रकार की संवेदनशील पहल से जनता का भरोसा और मजबूत होता है।
जनसेवा और संवेदनशील नेतृत्व की मजबूत छवि
करवाडीह दौरे ने एक बार फिर यह दर्शाया कि महेश साहू क्षेत्र में जनसेवा और संवेदनशील नेतृत्व के प्रतीक के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। उनकी कार्यशैली ने लोगों के बीच विश्वास को और मजबूत किया है।
कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर एस.टी. मोर्चा अध्यक्ष पंकज राठिया, युवा मोर्चा महामंत्री गजेन्द्र गबेल, संतोष देवगन, निरंजन डनसेना, नरोत्तम राठिया, आत्माराम राठिया, टीटीएस अध्यक्ष आत्माराम, डोरीलाल डनसेना, शोभाराम, शिवानंद राठिया, नेहरूलाल चंद्र, कुमार विभव राठिया, नाथूराम, धनंजय, केवल निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।















































