नई दिल्ली। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया है और इसे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस घटनाक्रम से क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार को मजबूती मिलेगी।
शांति और स्थिरता पर भारत का जोर
Ministry of External Affairs के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन जारी रहेगा, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यह शांति प्रयास यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के समाधान को भी सकारात्मक दिशा दे सकता है।
भारतीय नागरिकों के लिए विशेष नियंत्रण कक्ष सक्रिय
विदेश मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) सक्रिय किया गया है। दूतावासों के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और संपर्क बनाए रखने की प्रक्रिया जारी है।
ईरान में 7500 भारतीय नागरिक मौजूद
सरकार के अनुसार, लगभग 7500 भारतीय नागरिक अभी भी ईरान में मौजूद हैं। भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों को जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है और लगातार सुरक्षा परामर्श जारी किए जा रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकता: नागरिकों की सुरक्षा
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।















































