तेलंगाना में माओवादियों को बड़ा झटका: शीर्ष कमांडर सोडी केशालू समेत 40 नक्सलियों ने किया सरेंडर

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हैदराबाद/ तेलंगाना में माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस के सामने करीब 40 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिनमें शीर्ष कमांडर सोडी केशालू उर्फ सोडी केशा भी शामिल है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य में माओवादियों की सक्रियता लगभग खत्म होने की बात कही जा रही है।

टॉप कमांडर का सरेंडर, नेटवर्क को बड़ा नुकसान
सोडी केशालू को पीएलजीए (People’s Liberation Guerrilla Army) प्रमुख बदीसे देवा का दूसरा सबसे बड़ा कमांडर माना जाता था। देवा के पहले ही सरेंडर करने के बाद केशालू ने बटालियन की कमान संभाली थी। वह तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर सक्रिय माओवादी गतिविधियों का प्रमुख चेहरा था।

उप-कमांडर के रूप में संभाल रहा था बड़ी जिम्मेदारी
सोडी केशालू, जिसे मल्ला नाम से भी जाना जाता था, पीएलजीए बटालियन का उप-कमांडर था और बीएनपीसी बटालियन पार्टी कमेटी का सदस्य भी रह चुका है। इससे पहले वह कंपनी कमांडर के रूप में भी काम कर चुका था और कई कैडरों का नेतृत्व कर रहा था।

कई हथियारों के साथ किया सरेंडर
सरेंडर करने वाले माओवादियों के पास से एके-47, INSAS और एसएलआर जैसी अत्याधुनिक राइफलें बरामद हुई हैं। इस समूह में डिविजनल कमेटी, एरिया कमेटी, प्लाटून और कंपनी स्तर के कई पदाधिकारी शामिल हैं, जिससे माओवादी संगठन को बड़ा झटका माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में अब भी सक्रिय कुछ कैडर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना में अब कोई सक्रिय माओवादी कैडर नहीं बचा है, जबकि कुछ सदस्य अभी भी Chhattisgarh में मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब बचे हुए ठिकानों, हथियारों के जखीरे और नेटवर्क को खत्म करने पर फोकस कर रही हैं।

सुरक्षा बलों का फोकस अब नेटवर्क खत्म करने पर
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सरेंडर करने वाले माओवादियों को औपचारिक रूप से पेश किया जाएगा। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियां अब माओवादियों के छिपे ठिकानों और हथियारों की बरामदगी पर तेजी से काम कर रही हैं।

Amit sahu
Author: Amit sahu

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