जब न्यायपालिका और कार्यपालिका का उद्देश्य एक हो जाता है, तो संविधान सचमुच जीवंत हो जाता है: CJI सूर्यकांत

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हैदराबाद: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने रविवार को कहा कि सभी राजनीतिक विचारधाराओं की राज्य सरकारें अब यह मानती हैं कि न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है.

तेलंगाना हाई कोर्ट के जोन-II का शिलान्यास करने के बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “जब न्यायपालिका और कार्यपालिका एक ही उद्देश्य के साथ मिलकर काम करते हैं, तब संविधान सही मायने में जीवंत हो उठता है.”

हाई कोर्ट के नए जोन में न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीश के लिए आवासीय भवन (रिहायशी इमारतें) बनाए जाएंगे.

सीजेआई ने तेलंगाना के हाई कोर्ट परिसर के नए निर्माण को बेहद शानदार बताया और कहा कि यह तेलंगाना हाई कोर्ट के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है.

उन्होंने कहा, “अदालत सिर्फ कमरों का समूह नहीं होती; उनके पीछे एक बहुत बड़ी प्रणाली (सिस्टम) काम करती है. न्यायपालिका के सुचारू कामकाज के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) बेहद जरूरी है.”

सीजेआई सूर्यकांत ने तेलंगाना सरकार की भी प्रशंसा की और कहा कि इस नए हाई कोर्ट भवन के निर्माण का निर्णय लेकर सरकार ने दूरदर्शिता का परिचय दिया है. उन्होंने कहा कि हालांकि हाई कोर्ट की पुरानी इमारत का ऐतिहासिक महत्व है, लेकिन वर्तमान समय की जरूरतों को पूरा करने के लिए अब वह पर्याप्त नहीं है.

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, पुरानी इमारत आधुनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है. नए हाई कोर्ट के निर्माण की योजना बहुत ही बारीकी से तैयार की गई है, जिसमें अगले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है.”

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा, ‘देश भर में दिख रही इस तेजी से मुझे बहुत भरोसा मिलता है. पिछले कुछ महीनों में ही मुझे उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम और अब तेलंगाना में न्यायिक कोर्ट परिसरों का शिलान्यास करने का सौभाग्य मिला है. राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सभी राज्य सरकारें अब यह मानती हैं कि न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि बेहद जरूरी है.”

इस अवसर पर सीजेआई ने प्रदर्शनी में रखे गए नए हाई कोर्ट के नक्शों (ड्राइंग्स) और मॉडलों को देखा. उन्होंने कहा कि 100 एकड़ में प्रस्तावित यह नया हाई कोर्ट परिसर देश के सबसे बेहतरीन कोर्ट परिसरों में से एक होगा.”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आश्वासन दिया है कि रिहायशी इमारतों और अन्य बुनियादी सुविधाओं सहित पूरा हाई कोर्ट परिसर दो साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा. सीजेआई ने कहा, ‘मैं इस स्तर की प्रतिबद्धता दिखाने के लिए राज्य सरकार को बधाई देता हूं.”

अपने संबोधन में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हाई कोर्ट भवन निर्माण के शिलान्यास समारोह में शामिल होने पर अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं के जीवन में ऐसे गौरवशाली और महत्वपूर्ण अवसर बहुत कम आते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि “पूजा की जगहों के निर्माण में हिस्सा लेने का मौका बहुत कम मिलता है.” उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट कॉम्प्लेक्स “हर तरह के लोगों के लिए एक मंदिर जैसा है”.

विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के अलग-अलग और स्वतंत्र रूप से काम करने का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि अंततः आम आदमी न्याय की तलाश में अदालतों का ही दरवाजा खटखटाता है. उन्होंने आगे यह भी कहा कि वह हाई कोर्ट परिसर की इस परियोजना को शुरू करना अपने और अपनी सरकार के लिए एक बड़ा सौभाग्य मानते हैं.

तेलंगाना सरकार ने नए हाई कोर्ट परिसर के लिए पहले ही 100 एकड़ जमीन आवंटित कर दी थी, जिसे दो चरणों में बनाने की योजना है. सरकार ने इसके निर्माण के लिए 2,583 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी दे दी है. इस न्यायिक परिसर के पहले चरण (जोन-I) का शिलान्यास 27 मार्च 2024 को किया गया था और इसका निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है.

Amit sahu
Author: Amit sahu

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