राष्ट्रीय मछुआरा संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ने गिनाईं कल्याणकारी योजनाएं, समाज को दिया विकास का भरोसा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं सामाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि, योगदान को बताया अविस्मरणीय
मुख्यमंत्री ने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समाज और मत्स्य क्षेत्र के विकास में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
2047 के विकसित भारत लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी “विजन 2047” तैयार किया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास की रूपरेखा बनाई गई है।
हसदेव-बांगो में बनेगा आधुनिक एक्वा पार्क, मत्स्य उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास प्रजाति की मछलियों का पालन किया जा रहा है, जिससे मत्स्य व्यवसाय को आधुनिक स्वरूप मिल रहा है।
मछुआरों को 5 लाख तक दुर्घटना बीमा, उत्कृष्ट कार्य पर मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव के दौरान प्रतिष्ठित “बिलासा देवी केंवट सम्मान” से सम्मानित किया जाता है।
गंगरेल क्षेत्र में फिर शुरू होगा मछली पालन, किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका प्रणाली समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बनकर उभर रहा है और सरकार इसके विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग दे रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जल्द होगी शुरू, जनता की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान
सुशासन तिहार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य से जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी, जहां नागरिक सीधे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।
नशामुक्ति, शिक्षा और संगठन पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मत्स्य पालन क्षेत्र की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी। वहीं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज से नशामुक्ति का संकल्प लेने और बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में समाज प्रतिनिधि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल, विधायक ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर, नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाजजन उपस्थित रहे।















































