घरेलू गैस वितरण में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए तेल कंपनियों ने लागू किए कड़े नियम
अगर आपके घर में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल होता है, तो यह बदलाव सीधे आपसे जुड़ा है। सरकार और तेल कंपनियों ने मिलकर गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य डुप्लीकेट कनेक्शन, कालाबाजारी और गलत उपयोग पर रोक लगाना है।
मोबाइल नंबर और e-KYC अनिवार्य, रिकॉर्ड अपडेट नहीं तो सेवा प्रभावित हो सकती है
अब उपभोक्ताओं के लिए गैस कनेक्शन में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का अपडेट होना जरूरी कर दिया गया है, क्योंकि सभी OTP और बुकिंग जानकारी इसी पर भेजी जाती है। इसके साथ ही e-KYC अनिवार्य कर दी गई है। कई जगहों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी लागू किया गया है। रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने पर गैस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
बुकिंग के बीच तय की गई समय-सीमा, शहरों और गांवों के लिए अलग नियम
नए नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर जरूरी होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है, ताकि अनावश्यक बुकिंग और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके।
OTP आधारित डिलीवरी अनिवार्य, गलत व्यक्ति को सिलेंडर मिलने पर लगेगी रोक
अब LPG सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह OTP वेरिफिकेशन पर आधारित होगी। उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए कोड को डिलीवरी के समय सत्यापित करने के बाद ही सिलेंडर सौंपा जाएगा। इससे फर्जी डिलीवरी और गलत उपयोग पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
एक ही पते पर कई कनेक्शन की जांच, संदिग्ध मामलों पर होगी कार्रवाई
तेल कंपनियां अब ऐसे सभी पते और कनेक्शनों की जांच कर रही हैं, जहां एक ही स्थान पर एक से अधिक LPG कनेक्शन दर्ज हैं। यदि कोई कनेक्शन फर्जी या नियमों के खिलाफ पाया जाता है, तो उसे ब्लॉक कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
PNG क्षेत्रों पर भी कड़ी निगरानी, सब्सिडी दुरुपयोग पर रोक
जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG कनेक्शन और सब्सिडी की सख्त निगरानी की जा रही है, ताकि कोई उपभोक्ता दोनों सुविधाओं का गलत लाभ न उठा सके।
नए नियमों से क्या होगा फायदा?
इन बदलावों से वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर और सुरक्षित रूप से गैस सिलेंडर मिल सकेगा। साथ ही फर्जी कनेक्शन, कमर्शियल दुरुपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगेगी, जिससे पूरा LPG वितरण सिस्टम अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगा।















































