कलेक्टर ने स्पष्ट किया—ईंधन की कमी नहीं, जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई
सक्ती जिले में गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है और आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी द्वारा कालाबाजारी या जमाखोरी की जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएगी।
जनता से जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग की अपील, अनावश्यक स्टॉकिंग से बचने का आग्रह
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे ईंधन का उपयोग जिम्मेदारी और बचत के साथ करें तथा अनावश्यक रूप से स्टॉक न करें। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग सभी उपभोक्ताओं तक सुविधा पहुंचाने के लिए आवश्यक है।
एलपीजी आपूर्ति सामान्य, उज्ज्वला योजना उपभोक्ताओं को भी राहत का आश्वासन
प्रशासन ने जानकारी दी है कि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पूर्व की तरह सुचारू रूप से जारी है। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत जुड़े उपभोक्ताओं के लिए भी स्थिति सामान्य बताई गई है, हालांकि कुछ स्थानों पर अचानक बढ़ी मांग के कारण वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई है।
पारदर्शी वितरण व्यवस्था के निर्देश, सभी एजेंसियों पर कड़ी निगरानी
प्रशासन ने सभी गैस एजेंसियों को पारदर्शी और संतुलित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संभावित जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जा रही है तथा निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर जारी, शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663, 1967 तथा राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम 0771-2511975 जारी किए गए हैं। इसके अलावा सक्ती जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका मोबाइल नंबर 9993398904 है। प्रशासन ने सभी शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए हैं।
नियमानुसार रिफिल बुकिंग और भंडारण पर सख्त नियम लागू
प्रशासन ने एलपीजी उपभोक्ताओं को निर्धारित अंतराल के अनुसार ही रिफिल बुकिंग कराने की सलाह दी है—नगरीय क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतराल निर्धारित है। इसके साथ ही 100 किलोग्राम से अधिक गैस भंडारण बिना लाइसेंस के प्रतिबंधित किया गया है।
आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता, अस्पताल और स्कूलों को विशेष निर्देश
प्रशासन ने अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।















































