छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर काम तेज कर दिया है। प्रदेश में अब तक 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं का संचालन और संधारण ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है।
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर काम तेज कर दिया है। प्रदेश में अब तक 8555 एकल ग्राम नल जल योजनाओं का संचालन और संधारण ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है। वहीं आगामी दो वर्षों में हजारों नई योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन के कार्य पूरे हो चुके हैं, वहां हर घर जल योजना का सत्यापन कर संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी जाए। साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पाइपलाइन की नियमित जांच और जल गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है।
विभाग के अनुसार प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में वर्तमान में हैंडपंप, सौर ऊर्जा संचालित पंप और नल जल योजनाओं के जरिए पेयजल आपूर्ति की जा रही है। नक्सल प्रभावित और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए मिशन के कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।















































