बालोद जिले के गुरूर विकासखंड में खनिज विभाग ने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर औचक छापेमारी में बिना दस्तावेजों के कुल नौ वाहन जब्त किए। जब्त वाहनों को थानों की अभिरक्षा में रखा गया।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में खनिज संपदा के अवैध दोहन और परिवहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के कड़े निर्देशों के बाद खनिज विभाग की टीम ने गुरूर विकासखंड में बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान अवैध परिवहन में लगे 9 वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

खनिज विभाग की विशेष टीम ने 10 और 11 मार्च को गुरूर विकासखंड के विभिन्न रूटों पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के खनिजों का परिवहन कर रहे वाहनों को रोका गया।
खनिज विभाग की यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए की गई है। विभाग ने औचक निरीक्षण कर अवैध परिवहन में लगे वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा। यह दर्शाता है कि प्रशासन अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विभाग नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई कर रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाना है। यह कार्रवाई जिले में खनिज संपदा के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।















































