खरसिया में संदिग्ध की मौत ने बढ़ाया तनाव
रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में 35 वर्षीय अनिल चौहान की संदिग्ध मौत के बाद क्षेत्र में बड़ा विवाद और आक्रोश देखने को मिला। मृतक के परिजन और चौहान समाज के लोगों ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट का आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय का घेराव किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मृतक के परिवार का आरोप और घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, ग्राम परसकोल के खेत में अनिल चौहान की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें रमेश चौहान भी शामिल थे।
परिजन का आरोप है कि पुलिस हिरासत में रमेश के साथ सख्त मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान 5 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई।
परिजन और चौहान समाज ने किया जोरदार विरोध
मृतक के परिजन और चौहान समाज के लोग बड़ी संख्या में खरसिया तहसील कार्यालय पहुंचे और आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने व पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। प्रशासन की समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे और तहसील कार्यालय के सामने चक्का जाम कर विरोध जताया।

प्रशासन ने लिया कदम, पुलिसकर्मी लाइन अटैच
खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी ने आश्वासन दिया कि मामले की जानकारी कलेक्टर को दे दी गई है और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों के आक्रोश और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद खरसिया थाना प्रभारी और जांच में शामिल दो आरक्षकों को लाइन अटैच किया गया। फिलहाल मजिस्ट्रियल जांच प्रक्रिया चल रही है।
संदिग्ध मौत और सामाजिक-सांस्कृतिक संवेदनशीलता
यह घटना खरसिया और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करती है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से तेज़ और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।















































