भीषण गर्मी और सूखती फसलों के बीच सिंचाई के लिए प्रशासन का महत्वपूर्ण निर्णय, क्षेत्र में राहत की लहर
कोरबा/रायगढ़। बढ़ती गर्मी और सिंचाई जल के अभाव से जूझ रहे किसानों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। प्रशासन ने आगामी 3 मार्च को हसदेव बांगो डैम से नहरों में पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। यह निर्णय क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की पहल और किसानों की लगातार उठती मांग के बाद लिया गया।
इस घोषणा के साथ ही हजारों किसानों को समय पर सिंचाई जल मिलने की उम्मीद जगी है, जिससे रबी फसलों को संजीवनी मिल सकेगी।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शिखा रविंद्र गवेल की पहल से बनी सहमति, वित्त मंत्री तक पहुंचाई गई किसानों की आवाज
क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए श्रीमती शिखा रविंद्र गवेल ने प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात कर किसानों की स्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि पानी के अभाव में फसलें प्रभावित हो रही हैं और तत्काल सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
निरंतर संवाद और फॉलोअप के बाद प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया गया कि 3 मार्च से डैम का पानी नहरों के माध्यम से छोड़ा जाएगा।
नहर तंत्र के जरिए हजारों हेक्टेयर में पहुंचेगा पानी, रबी फसलों को मिलेगा जीवनदान
डैम से छोड़ा जाने वाला पानी नहर नेटवर्क के माध्यम से हजारों किसानों के खेतों तक पहुंचेगा। इससे गेहूं, चना और अन्य रबी फसलों को समय पर सिंचाई मिल सकेगी। जिन किसानों की फसलें सूखे की कगार पर थीं, उनके लिए यह निर्णय राहतकारी साबित होगा।
स्थानीय किसानों का कहना है कि समय पर पानी मिलने से उत्पादन प्रभावित होने से बच सकेगा और आर्थिक नुकसान की आशंका भी कम होगी।
“किसानों का हित सर्वोपरि” — संवेदनशील निर्णय से मजबूत हुआ भरोसा
शिखा रविंद्र गवेल ने कहा कि किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है और गर्मी की स्थिति को देखते हुए पानी छोड़े जाने का निर्णय आवश्यक था। सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया और त्वरित निर्णय सुनिश्चित किया।
नहरों में पानी छोड़े जाने की सूचना से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। किसानों ने पहल के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।














































