टायर गलाने के दौरान विस्फोट, 9 माह की बच्ची समेत 7 लोग झुलसे
रायगढ़ । खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में गुरुवार सुबह एक गंभीर औद्योगिक हादसा हो गया। टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान फर्नेस का ढक्कन अचानक खुलने से तेज धमाका हुआ, जिससे वहां काम कर रहे एक मासूम बच्ची समेत सात लोग गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।
फर्नेस से निकली आग और गैस से फैली अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्लांट में रोजाना की तरह सुबह करीब 10 बजे श्रमिक पुराने टायर गलाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान फर्नेस का ढक्कन खोले जाने पर अंदर जमा गैस बाहर निकल गई और ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही आग भड़क उठी। इससे पिघला हुआ टायर पास में मौजूद श्रमिकों पर जा गिरा, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद प्लांट में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रबंधन को सूचना दी। सभी घायलों को आनन-फानन में जिला अस्पताल रायगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च उपचार केंद्रों के लिए रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई श्रमिक 70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं। दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
9 माह की बच्ची भी गंभीर रूप से झुलसी
हादसे में प्रीया सारथी की 9 माह की बेटी भी पिघले टायर के छींटे की चपेट में आ गई, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बच्ची का भी विशेष उपचार किया जा रहा है।
घायलों में ये लोग शामिल
हादसे में घायल सभी श्रमिक खरसिया थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों के निवासी हैं। घायलों में साहेब राम खड़िया (40 वर्ष), शिव खड़िया (28 वर्ष), कौशल कुमार, इंद्रवर खड़िया, उदासीन (30 वर्ष), प्रीया सारथी और उसकी 9 माह की बच्ची शामिल हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है, जिसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ता है। पीड़ितों को मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों व प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
प्रशासन का सख्त रुख, प्लांट बंद
जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मंगल कार्बन प्लांट को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही प्रबंधन से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
क्या बोले एसडीओपी खरसिया
एसडीओपी प्रभात पटेल ने बताया कि फर्नेस में टायर गलाकर तेल बनाया जा रहा था। ठंडा होने से पहले ढक्कन खोलने के कारण गैस बाहर निकली और आग भड़क गई, जिससे एक मासूम समेत सात लोग झुलस गए। सभी का इलाज रायगढ़ में चल रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।














































